Tata Company ka Malik Kaun Hai – जानिए टाटा कंपनी के मालिक के बारे मे

Tata Company ka malik kaun hai – अगर आप भारत में रहते है तो आपने अवश्य ही टाटा कंपनी का नाम सुना होगा। टाटा भारत की सबसे बड़ी कंपनी है जिसने अपना नाम विश्वभर में प्रचलित किया है आज एक विश्वसनीय और सबसे भरोसेमंद ब्रांड के रूप में हम टाटा नाम को जानते है। मगर क्या आपको पता है टाटा कंपनी का मालिक कौन है क्या करती है और किस तरह के प्रोडक्ट बनाती है अगर आप टाटा कंपनी के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके मालिक और कार्य के बारे में आज विस्तार पूर्वक जानकारी हमने इस लेख में दी है।

Tata Company ka Malik Kaun Hai - जानिए टाटा कंपनी के मालिक के बारे मे

टाटा कंपनी विश्व के सबसे प्रचलित और विश्वसनीय कंपनियों में से एक मानी जाती है, जिसके मालिक रतन टाटा है मगर इनसे पहले टाटा कंपनी का मालिक कौन था और किसने इसे इस मुकाम तक पहुंचाया इसके बारे में और अच्छे से जानने की आवश्यकता है। टाटा कंपनी के प्रचलित होने का कारण इस कंपनी के दिग्गज मालिकों से हि है, टाटा कंपनी में एक के बाद एक इतने बेहतरीन मालिक आए हैं जिनके कार्य प्रणाली और झमता को देखकर हर कोई हैरान रह गया है एक के बाद एक नीतिगत मालिक का लगातार आना इस ब्रांड को विश्व के सबसे बेहतरीन ब्रांड में से एक बनाता है। अगर आप उनके बारे में जानना चाहते हैं और टाटा कंपनी का मालिक कौन है इसे समझना चाहते हैं तो नीचे बताई गई जानकारियों को पढ़ें। 

टाटा क्या है?

टाटा शब्द अपने अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट पर लिखा हुआ देखा होगा अगर आप गौर फरमाएंगे तो पाएंगे कि सॉफ्टवेयर पर टाटा लिखा हुआ आता है इसके साथ ही घर में इस्तेमाल होने वाले नमक मसाले से लेकर घर बनाने के लिए जिस स्टील का इस्तेमाल होता है उस पर भी टाटा लिखा हुआ होता है। आज टाटा कंपनी 30 से ज्यादा तरह के प्रोडक्ट को बनाती है जिसमें गाड़ी से लेकर सुई और कंप्यूटर के अंदर के सॉफ्टवेयर से लेकर घर में इस्तेमाल होने वाले नमक तक शामिल है। 

टाटा भारत की सबसे बड़ी कंपनी है विश्व की सबसे बेहतरीन और विश्वसनीय कंपनियों की सूची में टाटा का नाम सर्वश्रेष्ठ पांच कंपनियों में से एक में आता है। टाटा कंपनी का कुल मुनाफा इसे एक समय में विश्व की सबसे बड़ी कंपनी बना था मगर कंपनी के मालिक ने ज्यादातर मुनाफे को गरीब लोगों के लिए दान में दिया ताकि देश आगे बढ़ सके इस वजह से टाटा लोगों के दिल को छू चुका है टाटा एक ब्रांड हि नही बल्कि भारत के निवासियों के लिए जज्बात बन चुका है। 

टाटा कंपनी क्या करती है?

टाटा भारत की सबसे प्रचलित और सबसे विश्वसनीय कंपनी है जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है यह कंपनी अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट बनाती है मुख्य रूप से टाटा को हम टीसीएस के वजह से जानते हैं जो कि एक कंसल्टेंसी सर्विस है जो अलग-अलग तरह के सॉफ्टवेयर को बनाने का कार्य करता है।

जैसा कि हमने आपको बताया टाटा कंपनी 30 से ज्यादा प्रोडक्ट निर्माण करती है जिसमें से सबसे ज्यादा मुनाफा सॉफ्टवेयर बनाने की कंपनी TCS से होता है। टाटा का मुख्य कार्य अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट को बनाना और उन्हें बेचना है। टाटा का कार्य गरीब से गरीब व्यक्ति से लेकर अमीर से अमीर व्यक्ति तक जुड़ा हुआ है चाहे वह गरीब व्यक्ति के घर में खाना खाने वाला एक साधारण नमक हो या एक अमीर व्यक्ति के लिए फाइव स्टार होटल टाटा हर जगह है। भारत सरकार के लिए मिसाइल बनाना हुई हवाई जहाज टाटा बनाती है और साधारण आदमी के लिए बस और कार भी बनाती है।

आज टाटा का कार्य हर किसी के साथ जुड़ गया है टाटा का ब्रांड इतना अच्छा माना जाता है कि उसका प्रोडक्ट हर किसी का दिल छू जाता है जिस वजह से हर कोई टाटा में कार्य भी करना चाहता है मगर टाटा को ऐसा बनाने में उनके मालिक का हाथ है हमें यह जानना चाहिए कि टाटा कंपनी का मालिक कौन है और किस ने इसे छोटे घर से इतना बड़ा बनाया। 

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टाटा कंपनी क्या क्या बनाती है?

यह सवाल भी हर किसी के मन में अक्सर आता है कि आखिर टाटा कंपनी क्या क्या बनाती है। जैसा कि हमने आपको बताया टाटा कंपनी कुल 30 तरह के प्रोडक्ट बनाती है। वर्तमान समय में टाटा कंपनी का कार्य 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है और अलग-अलग देश के लोग इस कंपनी में नौकरी करते है और उन सब का कहना है कि उन्होंने ऐसी कंपनी में कभी कार्य नहीं किया यह विश्व की सबसे बेहतरीन वर्क एनवायरमेंट देने वाली कंपनी है, जो किसी सरकारी नौकरी को भी पछाड़ देता है। 

टाटा खाद्य सामग्री

अगर हम बात करें कि टाटा क्या क्या बनाता है तो सबसे पहले आपका ध्यान आपके घर में जाएंगे और आपके घर में खाने-पीने की कुछ साधारण सामान में टाटा कंपनी का चीज अवश्य दिखेगी, जिसमें नमक, चाय, कॉफी, दाल, मसाले, रेडी ट ईट फूड, पानी, आता है। 

Tata information technology

टाटा के बहुत बड़ा योगदान आज के समय के तकनीक में है इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के रूप में टीसीएस कंपनी कई सालों से भारत में कार्य कर रही है जिसका मुख्य कार्य अलग-अलग तरह के सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी सिस्टम को तैयार करना है। 

टाटा मोटर्स

चाहे वह ब्रिटेन की सड़कों पर सबसे ज्यादा दौड़ने वाला लैंड रोवर हो या भारत की सड़कों पर दौड़ने वाला टाटा कर टाटा मोटर्स का नाम आपको पूरी दुनिया में देखने को मिलेगा। टाटा अलग-अलग तरह के मोटर गाड़ी बनाती है और इसे हर तरह के लोगों तक पहुंचाती है जिससे जुड़ा एक अनोखा किस्सा आपको लेख में आगे बताया जाएगा। 

Tata real estate

बड़ा बड़ा मॉल होटल या फिर अलग-अलग तरह के रियल एस्टेट बिजनेस में आपको टाटा का नाम देखने को मिलेगा। टाटा पावर, टाटा प्रॉजेक्ट्स, टाटा हाउसिंग, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स, टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कुछ ऐसे प्रचलित नाम है जो आपको टाटा कंपनी से जुड़े हुए शानदार रियल स्टेट प्रोजेक्ट का दर्शन करवाएंगे। 

Tata finance 

यह बहुत कम लोग जानता है मगर टाटा कंपनी आपको फाइनेंस के क्षेत्र में भी तरक्की करती हुई नजर आएगी। आपको बता दें कि फाइनेंस के क्षेत्र में टाटा बहुत दिनों से कार्य कर रहा है 1956 से टाटा कंपनी – टाटा एसेट मैनेजमेंट कंपनी म्यूचुअल फंड, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसे, अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट फंड्स और ऑफशोर फंड्स की सुविधा लोगों को दे रही है। 

Tata Educational field

इन सबके अलावा टाटा एजुकेशन फील्ड में भी पीछे नहीं है इसमें समाज में शिक्षा स्वास्थ्य जैसी चीजों में भी अपना बढ़-चढ़कर योगदान दिया है और आपको टाटा की कंपनी वहां भी देखने को मिलेगी जिसमे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, टाटा मैमोरियल हॉस्पिटल, नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स शामिल है। 

इसके अलावा टाटा सोना से जुड़ी हुई चीज है हवाई जहाज और सैन्य बल के लिए डिफेंस सिस्टम की तैयार करता है अगर इसके बारे में आपको विस्तार से जानना है तो कमेंट करके हमें अवश्य बताएं हम आपको टाटा की कंपनी क्या-क्या बनाती है उसके एक-एक प्रोडक्ट की जानकारी सही तरीके से बताएंगे। 

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टाटा किस देश की कंपनी है?

अगर आप भारत के निवासी हैं तो आपको यह मालूम होना चाहिए कि टाटा भारत की कंपनी है जिसे जमशेदजी टाटा ने शुरू किया था वर्तमान समय में टाटा कंपनी के मालिक रतन टाटा ने टाटा के इतने बड़े साम्राज्य की बागडोर अपने हाथ में रखी है। 

टाटा कंपनी भारत की कंपनी है जो झारखंड राज्य में स्थित एक प्रचलित शहर जमशेदपुर से अपनी शुरुआत की थी टाटा की पहली कंपनी जमशेदपुर में लगी थी जहां जमशेदजी टाटा के नाम पर जमशेदपुर नाम का शहर बसा और आज इस शहर को भारत का पिट्सबर्ग कहा जाता है।

टाटा कंपनी 100 से अधिक देशों में अपना परचम लहरा रही है और भारत से बाहर निकलकर इस कंपनी ने रियल स्टेट टेक्नोलॉजी डिफेंस फूड आइटम जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की कुल 30 कंपनी में अपनी एक बेहतरीन छाप छोड़ी है।

टाटा कंपनी का मालिक कौन है?

हम आपको बता देना चाहते है कि वर्तमान समय में कंपनी के मालिक और टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा है। टाटा ग्रुप नाम की इस कंपनी की शुरुआत जमशेदजी टाटा ने की थी जिसके बाद जेआरडी टाटा ने इस कंपनी को नई ऊंचाइयों दी और पिछले 50 साल से रतन टाटा ने इस कंपनी को विश्व भर में एक ब्रांड की तरह सबके सामने रखा है।

टाटा के अलावा रतन टाटा ने अलग-अलग तरह की कंपनियों को खरीदा है और उसे भी एक नए मुकाम तक पहुंचाया है। रतन टाटा को भारत के सबसे बड़े बिजनेसमैन के रूप में देखा जाता है इसके अलावा भारत में अलग-अलग तरह के बिजनेस में ना आए उनमें रतन टाटा का सबसे ज्यादा आदर किया जाता है।

रतन टाटा अपने नेक दिल की वजह से जाने जाते हैं देश में जब भी किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या होती है तो रतन टाटा उसमें बढ़-चढ़कर अपना योगदान देते है और देश को आर्थिक संकट में मदद करके कई बार देश की मदद की है। इसके अलावा आपको बता दें कि रतन टाटा के द्वारा टाटा चैरिटेबल फंड जलाया जाता है जिसमें टाटा ग्रुप जितनी भी कमाई करती है उसका 65% दान कर दिया जाता है। 

टाटा कंपनी का इतिहास 

टाटा कंपनी का इतिहास काफी पुराना है टाटा कंपनी को भारत के सबसे पुराने कंपनियों में से एक माना जाता है टाटा कंपनी ने अपनी शुरुआत 1868 में श्री जमशेदजी टाटा के नेतृत्व में की थी। 1839 में जमशेदजी टाटा का जन्म एक साधारण व्यापारी के घर में कालीमाटी नाम के एक छोटे से गांव में हुआ था। 1858 तक अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने पिता के साथ व्यापार में लग गए।

उनका गांव आज के झारखंड राज्य में स्थित था जहां ठंड काफी पड़ती थी जिस वजह से उन्होंने रुई का व्यापार शुरू करने के बारे में सोचा और 1859 में जमशेदजी टाटा ने सबसे पहली बार और रुई का कारखाना खोला जिससे टाटा कंपनी की शुरुआत हुई। उसके बाद जमशेदजी टाटा ने झारखंड में आयरन ओर के खदान को देखा उसके ऊपर पढ़ाई करने पर उन्हें समझ में आया कि वह लोहा बना सकते हैं और इसके लिए टेल्को नाम की कंपनी की स्थापना की। उन्होंने अलग-अलग तरह की कंपनियों की शुरुआत कर ही रहे थे कि 1904 में उनकी मृत्यु हो गई है। 

उसके बाद उनके बेटे दोराबजी टाटा ने इस पूरे व्यापार को संभाला और व्यापार को सही तरीके से चलने योग्य बनाया जिसके बाद 1938 में उन्होंने टाटा ग्रुप के चेयरमैन के पद से रिजाइन किया और उनके स्थान पर उनके बेटे जेआरडी टाटा चेयरमैन बने। यह वह दौर था जब जमशेदपुर में टेल्को और टिस्को अपनी ख्याति बिखेर रहा था। 

उस वक्त जेआरडी टाटा ने नए आयाम में अपने व्यापार को ले जाने के बारे में सोचा और अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट बनाए उनका सबसे प्रचलित प्रोडक्ट हवाई जहाज था जेआरडी टाटा ने हवाई अड्डा बनाकर अपने हवाई जहाज में लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का सिस्टम शुरू किया। जेआरडी टाटा का हवाई जहाज इतना प्रचलित हुआ कि उसे भारत सरकार ने खरीद लिया और इंडियन एयरलाइंस के नाम से वह प्रचलित हुआ। 

उसके बाद 1991 में जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स रिजाइन करते है और उनके स्थान पर उनके बेटे रतन टाटा कंपनी की बागडोर संभालते है। अपने पिता की ही तरह रतन टाटा बहुत ही काबिल बिजनेसमैन साबित होते हैं उन्होंने टाटा कंपनी को नई ऊंचाइयों पर विराजमान किया। रतन टाटा ने टाटा कंपनी को और भी जटिल आयामों में सफलता दिलाई जिसमें इंडियन डिफेंस सिस्टम शामिल है रतन टाटा ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत देश के लिए मिसाइल और एयरोस्पेस सिस्टम तैयार किया। पिछले 50 साल से रतन टाटा इस कंपनी को संभाल रहे हैं और टाटा धीरे-धीरे विश्व की एक जानी मानी कंपनी के रूप में हम सबके समक्ष आया है। 

रतन टाटा का कंपनी में योगदान

भारत में एक से एक बिजनेसमैन मौजूद हैं जिनमें भारत के सबसे अमीर व्यापारी गौतम अडानी और भारत के दूसरे सबसे अमीर आदमी जो पिछले कई सालों से एशिया के सबसे अमीर आदमी के रूप में प्रचलित है मुकेश अंबानी है मगर इसके बावजूद आपने रतन टाटा का एक अलग ब्रांड देखा होगा हर कोई उनसे बहुत प्यार करता है और उन्हें बहुत सम्मान देता है। 

कई बार आपके मन में यह प्रश्न उठता होगा कि रतन टाटा का कंपनी में ऐसा कौन सा योगदान है जिसकी वजह से उन्हें इतनी प्रचलिता मिली है तो हम आपको बता देना चाहते हैं कि रतन टाटा वर्तमान समय में भारत के सबसे प्रचलित व्यापारी हैं जिन्हें ना केवल भारत में बल्कि विश्व भर में ख्याति मिली है इसका मुख्य कारण है कि उन्होंने टाटा कंपनी को एक विश्वसनीय कंपनी का रूप दिया है कंपनी मुनाफे में जेआरडी टाटा के समय से ही चले आ रही थी मगर कंपनी को एक विश्वास का चेहरा रतन टाटा ने बनाया है। 

रतन टाटा ने टाटा कंपनी को मोटर इंडस्ट्री में शामिल करवाया जिसमें उन्होंने टाटा की गाड़ियों को बनाना शुरू किया शुरुआत में वह असफल रहे और इस असफलता से उन्हें इतना नुकसान हुआ कि अमेरिका के Detroit में मौजूद फोर्ड कंपनी को अपनी गाड़ी बेचने के लिए गए वहां उस कंपनी के मालिक ने रतन टाटा की बेइज्जती करते हुए कहा कि आपको गाड़ी बनाना नहीं आता तो इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था हम आप पर एक एहसान कर रहे हैं जो बात उन्हें बहुत चुप हो गई और बिना अपनी कंपनी भेजे वह भारत आ गए सालों की मेहनत के बाद रतन टाटा ने टाटा की गाड़ियों को इतना प्रचलित बनाया कि न केवल भारत में बल्कि अमेरिका में भी टाटा की गाड़ियां बिकने लगी। 

हालांकि किस्मत इसे कहते हैं कि कई सालों बाद फोर्ड कंपनी के द्वारा बनाया गया लैंड रोवर घाटे में जाने लगा जिस घाटी से खुद को बचाने के लिए फोर्ड कंपनी के मालिक रतन टाटा के पास भारत आते हैं और उनसे कहते हैं कि हमारी कंपनी खरीद कर कृपया हम पर ऐसान करिए। इस तरह की घटना ने रतन टाटा को विश्व भर में बहुत प्रचलित बनाया। 

इसके अलावा रतन टाटा अपने जबान की वजह से भी बहुत प्रचलित हुए उन्होंने एक बार जिस चीज के लिए जवान दे दी तो वह उस काम को करते थे। इसका सबसे बड़ा किस्सा यह है कि कॉलेज के दिनों में उन्होंने किसी लड़की को यह वादा किया था कि वह उससे शादी करेंगे मगर अपने पिता के अचानक देहांत की वजह से उन्हें भारत आना पड़ा और संयोग ऐसा बना कि उन्हें टाटा कंपनी का मालिक बना दिया गया जिसके बाद कई सालों तक वह अमेरिका नहीं जा पाए बाद में अवसर पाकर जब वह अमेरिका उस लड़की से मिलने गए तो पता चला कि उस लड़की की शादी हो चुकी थी जिस वजह से उन्होंने दोबारा कभी शादी नहीं की क्योंकि उन्होंने किसी और को वादा कर दिया था। 

इसके अलावा रतन टाटा अपने दान वाले आचरण की वजह से भी बहुत प्रचलित है रहते है वह अक्सर अपनी कमाई का बहुत बड़ा हिस्सा सरकार और गरीब लोगों के बीच दान करते रहते हैं आज टाटा ट्रस्ट फंड के नाम से अपनी कमाई का हर महीने 65% का फायदा दान में देते है। 

टाटा कंपनी में नौकरी कैसे पाएं

टाटा कंपनी के बारे में आपने ऊपर पड़ा और यह समझा कि टाटा कंपनी का मालिक कौन है और किस तरह उसने टाटा कंपनी को एक ब्रांड बनाकर लोगों के बीच खड़ा किया है आज टाटा कंपनी को प्राइवेट क्षेत्र का सरकारी नौकरी कहा जाता है। इस विश्वसनीय भरोसेमंद और भारत के सबसे महान कंपनी में अगर आपको काम करना है तो हर साल टाटा कंपनी अपने आधिकारिक वेबसाइट के जरिए लोगों का योगदान मांगती है। 

आपको टाटा कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है जहां आपको जॉब का एक विकल्प देखने को मिलेगा वहां आपको यह मालूम चल जाएगा कि टाटा कंपनी कब और किस पद के लिए नौकरी चाहती है वहां आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म मिलेगा जिसे भरने पर आप टाटा कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन कर देंगे। 

अगर आप इसके बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं। 

निष्कर्ष

आज हमने आपको यह बताने का प्रयास किया कि टाटा कंपनी का मालिक कौन है, tatakis desh ki company hai, टाटा कंपनी का इतिहास कौन है वह कौन महान दिवस था जिसने टाटा कंपनी की नींव रखी और किस तरह रतन टाटा ने कंपनी को एक विश्वसनीय और भरोसे का नया चेहरा बनाया अगर आप टाटा कंपनी के मालिक और इसके कार्यप्रणाली के बारे में अच्छे से समझ पाए हैं तो इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें साथ ही अपने सुझाव या किसी भी प्रकार के प्रश्न को कमेंट में पूछना ना भूले।

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